तेज गति से गुजरी राजधानी एक्सप्रेस, बड़ा हादसा टला, दो दर्जन किसान हिरासत में
युग करवट संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। बोड़ाकी गांव में आज सुबह को अतिक्रमण हटाने पहुंचे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन व पुलिस से वहां के किसान भीड़ गए। किसानों ने रेलवे लाइन पर आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया, तथा रेल की पटरी पर लेट गए। इसी बीच राजधानी एक्सप्रेस वहां से गुजरी। वहां मौजूद पुलिस के अधिकारियों ने काफी धक्का-मुक्की के बाद किसानों को पटरी से हटाया, तथा उनकी जान बचाई। इस धरना प्रदर्शन में एक बड़ी घटना होने से बच गई। राजधानी एक्सप्रेस वहां से थोड़ी दूर आगे जाकर रुक गई। इस घटना में किसी किसान को चोट नहीं लगी, उसके बाद जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। किसानों का कहना है कि उनकी 80 साल से ज्यादा की आबादी को प्राधिकरण जबरन तोड़ रहा है।
मालूम हो कि दिल्ली मुबई औद्योगिक कॉरिडोर और डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण के लिए बोड़ाकी गांव के पास जमीन अधिग्रहण किया गया है। ग्रामीण मुआवजा सहित विभिन्न मांगों को लेकर अपनी जमीन देने को तैयार नहीं है, जबकि जिला प्रशासन व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उनसे जमीन लेने पर आमादा है। आज किसानों ने अपर जिलाधिकारी के ग्रेटर नोएडा स्थित कार्यालय पर घेराव का भी ऐलान किया था।
किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि दिल्ली मुंबई औद्योगिक कारिडोर और डेडिकेटेड फ्रेड कारिडोर के प्रभावित किसानों का बोड़ाकी और पल्ला गांव में पिछले करीब चार महीने से धरना और 9 दिनों से आमरण अनशन लगातार जारी है। आज किसान शांतिपूर्वक तरीके से अपर जिलाधिकारी के कार्यालय का घेराव करना चाहते थे। लेकिन, किसानों को जानकारी मिली की एसडीएम दादरी, सीओ दादरी और सिटी मजिस्ट्रेट ने बोड़ाकी रेलवे स्टेशन के पास अवैध मकानों को बताकर तोडऩे की कार्रवाई की। इस कार्रवाई का किसानों ने जब विरोध किया तो करीब 20 से 25 किसानों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन उन्हें जेल भेजता है तो किसान जेल में भी आमरण अनशन जारी रखेंगे।