युग करवट संवाददाता
गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा हाऊस टैक्स में 15 प्रतिश्त टैक्स बढ़ोत्तरी का मामला अब गरमाता जा रहा है। हाऊस टैक्स बढ़ाए जाने में शुरू से ही मुखर वार्ड 53 रईसपुर के पार्षद मनोज चौधरी ने आज अपने ही तरीके से इस मामले में अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने गांव के देवता चांवड के समक्ष बैठकर अपने बालों का मुंडन कराया। पार्षद ने कहा है कि कोरोना के दौर में इस तरह से हाऊस टैक्स बढ़ाया जाना मानवता नहीं है। कांग्रेस के पार्षद मनोज चौधरी आज सुबह से शाम चार बजे तक इस मामले को लेकर उपवास पर भी रहेंगे।
आज सुबह दस बजे रईसपुर के पार्षद मनोज चौधरी गांव के देवता चांवड के समक्ष पहुंचे। वहां उन्होंने तिरुपति बालाजी के चित्र को नमन करने के बाद भागवत गीता का पाठ किया और फिर अपना सिर मुंडवा लिया। इस मौके पर पार्षद ने कहा कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री गरीब जनता को मुफ्त राशन बांटने की बात कर रहे हैं वहीें दूसरी तरफ नगर निगम आपदा के दौर में कमाई के अवसर तलाश रहा है। नगर निगम द्वारा बढ़ाया गया 15 प्रतिशत हाऊस टैक्स इसका जीता जागता उदाहरण है। पार्षद ने कहा कि हाऊस टैक्स बढ़ाए जाने का अधिकार नगरायुक्त या महापौर को नहीं है। नगर निगम इस मामले में तानाशाही कर कमाई के अवसर ढूंढ रहा है। मनोज चौधरी ने इसे पूरी तरह से असंवैधानिक कार्य करार दिया है। उन्होंने कहा कि सन् 2015 में पांच प्रतिशत हाऊस टैक्स बढ़ाया गया था लेकिन शासन से इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। उस समय भी बढ़ोत्तरी कार्यकारिणी में पास हुई थी, लेकिन बोर्ड बैठक में इस पर मुहर नहीं लगी थी। उन्होंने कहा कि इस तरह के नीतिगत फैसले सिर्फ सदन में ही लिए जा सकते हैं। इसलिए सदन बुलाकर उसमें यदि हाऊस टैक्स बढ़ाया जाता तो वह सर्वमान्य होता। पार्षद ने आरोप लगाया कि नगरायुक्त सीधे-सीधे निगम एक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि इस प्रकार के अधिकारी को तुरंत नगरायुक्त जैसे जिम्मेदार पद से हटाया जाए।