युग करवट ब्यूरो
नई दिल्ली। अग्निपथ योजना पर आज संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ। साथ ही सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस योजना से संबंधित सभी याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट के पास ट्रांसफर कर दिया है। संसद में आप नेता संजय सिंह और जदयू के उपेंद्र कुशवाहा ने सेना की भर्ती में जाति और धर्म प्रमाण पत्र मांगने पर सवाल खड़े किये। इस बारे में सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अग्निपथ योजना के तहत सैन्य भर्ती प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पहले भी जाति व धर्म प्रमाण पत्र मांगा जाता रहा है।
दरअसल, अग्निपथ योजना के लिए जाति व धर्म प्रमाण पत्र मांगे जाने पर सियासत शुरू हो गई थी। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इसे मात्र अफवाह बताया है। अग्निपथ योजना से संबंधित सभी याचिकाओं की एक साथ सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में होगी। सुप्रीम कोर्ट में आज अग्निपथ योजना के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अग्निपथ योजना के खिलाफ दाखिल सभी याचिकाओं को दिल्ली हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट से कहा कि अग्निपथ योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की जाए और इनका निपटारा किया जाए। हालांकि, इस दौरान ऐसी भी स्थिति आई, जब सुप्रीम कोर्ट ने वकील की टोका टोकी पर फटकार लगाई। दरअसल, अग्निपथ योजना के खिलाफ याचिकाओं पर कोर्ट जब आदेश लिखवा रहा था, तब याचिकाकर्ता मनोहर लाल शर्मा टोका टाकी कर रहे थे। इस दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने मनोहर लाल शर्मा फटकार लगाई। उन्होंने कहा, आप भले वीर होंगे लेकिन अग्निवीर तो कतई नहीं हैं। आप भविष्य में अग्निवीर नहीं बनने जा रहे। इसलिए बेवजह टोका टाकी ना करें।