गाजियाबाद (युग करवट)। अगले महीने 23 जनवरी के बाद नगर निगम का मौजूदा बोर्ड भंग हो जाएगा। इससे पहले नगर निगम के मौजूदा बोर्ड की अंतिम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में ही सभी पार्षद आदि की विदाई से पहले शहर के विकास के कई खास प्रस्तावों को पेश किया जा सकता है। कई पार्षद काफी समय से नगर निगम बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग कर रहे है। इन पार्षदों का कहना है कि पहले संभावना थी कि जनवरी तक नए बोर्ड का गठन हो जाएग, मगर बदली परिस्थितियों के चलते लगता है कि चुनावा कई महीने के लिए टल गया है। इसी के बाद अब नगर निगम के मौजूदा बोर्ड की अंतिम बैठक बुलाने की मांग उठ रही है। अब लगता है कि जल्दी ही अगले महीने नगर निगम बोर्ड की बैठक होगी। इसके लिए अब मेयर आशा शर्मा भी बोर्ड की बैठक बुलाने पर विचार कर रही है। मेयर आशा शर्मा का कहना है कि वह जल्दी ही इस मामले में नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ से बात करेंगी और बोर्ड बैठक बुलाने की तारीख फिक्स की जाएगी। मौजूदा बोर्ड की यह अंतिम बैठक होगी। प्रदेश सरकार की ओर से जो शेड्यूल जारी किया गया है उसके हिसाब से 23 जनवरी तक ही मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल है। इसके बाद बोर्ड भंग माना जाएगा यानि 24 जनवरी से निगम का मौजूदा बोर्ड सुपरसीट हो जाएगा। इसके बाद नगर निगम कार्यकारिणी को लिमिटेड पॉवर दी गई है। बैठक कर कार्यकारिणी नगर आयुक्त को केवल अपने सुझाव दे सकेगी औश्र उन्हें लागू करने के लिए नगर आयुक्त को प्रेशर नहीं डाल सकेगी। ऐसे में अगले महीने नगर निगम के मौजूदा बोर्ड की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।