प्रमुख अपराध संवाददाता
गाजियाबाद (युग करवट)। अगर रेखा पाल अपनी मर्यादा को नहीं लांघती तो शायद उसका पति रेखा पालव पुत्री ताषू उर्फ गुडिय़ा का कत्ल न करता। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ के दौरान ये बयान डबल मर्डर के अभियुक्त संजय पाल निवासी नूरनगर सिहानी ने अधिकारियों के सामने दिये। रेखा व उसकी पुत्री ताषू की हत्या के कारणों के संदर्भ में एसएसपी मुनिराज ने बताया कि संजय पाल मेहनत मजदूरी करके अपनी पत्नी व पुत्री के जीवन को सुखमय रखने की जी तोड़ कोशिश कर रहा था। लेकिन, उसकी पत्नी रेखा अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिये अपनी मर्यादाओं को लांघकर पति-पत्नी के रिश्तों को तोडऩे का काम कर रही थी। इतना ही नहीं वह अपनी महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिये नाबालिग पुत्री को भी अपनी राह पर साथ लेकर चल रही थी। पूछताछ के दौरान संजय पाल ने बताया कि पत्नी की इस हकरत को देखकर पहले तो संजय ने उसे काफी समय तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वह नहीं मानी तो संजय ने सख्ती करना शुरू कर दी। गुरुवार की रात भी इसी बात को लेकर उसका झगड़ा पत्नी रेखा व पुत्री से हुआ था। उस समय तो वे तीनों अलग-अलग कमरों में चले गए, लेकिन संजय रातभर नहीं सोया। सुबह उसने पत्नी की पिटाई करनी शुरू कर दी। इसी बीच रेखा ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद गुस्साए संजय ने घर में रखे फावड़े से काटकर पहले तो रेखा की हत्या की और फिर छत पर सो रही पुत्री ताषू को भी फावड़े से काटकर मार डाला। कप्तान ने एसएचओ नन्दग्राम रमेश सिंह सिद्घू द्वारा इस डबल मर्डर का खुलासा मात्र दो घंटे घंटे में ही कर देने पर उनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।