युग करवट ब्यूरो
वाराणसी। यहां आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन को प्रधानमंत्री ने संबोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मेयर सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के देश भर से 200 से ज्यादा महापौर और 4800 से ज्यादा नगर निकाय के अध्यक्ष शामिल हुए। गाजियाबाद की मेयर आशा शर्मा ने भी सम्मेलन में शिरकत की। सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शहरों के विकास के दौरान पुरानी चीजों को सहेजकर आधुनिकता की ओर बढऩा ही उद्देश्य होना चाहिए। देश को कायाकल्प की जरूरत है और इसके लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि काशी में हो रहे अखिल भारतीय मेयर सम्मेलन कार्यक्रम को मैं कई संभावनाओं के साथ जोडक़र देख रहा हूं। एक ओर बनारस जैसा दुनिया का सबसे प्राचीन शहर का साथ और दूसरी ओर आधुनिक भारत के आधुनिक शहरों की रूपरेखा तय करनी है। हमारे देश में ज़्यादातर शहर पारंपरिक हैं, पारंपरिक तरीके से ही विकसित हुए हैं। आधुनिकीकरण के इस दौर में हमारे इन शहरों की प्राचीनता भी उतनी ही अहमियत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें अपने शहर में हर वर्ष 7 दिन के लिए नदी उत्सव मनाना चाहिए। उसमें पूरे शहर को जोडि़ए। इस उत्सव में नदी की सफाई, उसकी विशेषता पर फोकस किया जाए। काशी के गंगा घाट पर दुनियाभर के पर्यटक आते हैं। काशी की अर्थव्यवस्था को चलाने में माता गंगा को बहुत बड़ा योगदान है। हम सभी को अपने शहरों की नदी के प्रति एक संवेदनशील अप्रोच अपनानी होगी। हमारा शहर स्वच्छ रहे और स्वस्थ भी रहे, ये हमारा प्रयास होना चाहिए। शहर का विकास जन भागीदारी से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपको तय करना चाहिए कि मेरे शहर की हर गली में हर बल्ब एलईडी हो। इससे नगर पालिका, महानगर पालिका के बिजली का बिल काफी कम हो जाएगा और रोशनी भी अच्छी मिलेगी। सम्मेलन की थीम ‘न्यू अर्बन इंडिया’ रखी गई है। शहरों के विकास को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और यूपी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए 17 से 19 दिसंबर तक एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।