युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। समाजवादी गठबंधन अब ज्यादा दिन का मेहमान नहीं लगता। जल्द ही इसके अलग होने की औपारिक घोषणा की जा सकती है। ओपी राजभर की भाजपा से नजदीकि बढ़ रहीं हैं। इसके संकेत इसी बात से मिल रहे हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार ने उनको वाई श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करा दी है।
विधानसभा चुनाव के बाद ही सपा गठबंधन के महत्वपूर्ण घटक सुभासपा की नारजगी सामने आने लगी थी। शिवपाल यादव तो खुलकर भतीजे के खिलाफ बोलने लगे थे। विधान परिषद, राज्यसभा चुनाव और रामपुर तथा आजमगढ़ के उप चुनाव के बाद गठबंधन के रिश्तो में दरार अधिक बढ़ गई। खासकर उप चुनाव के बाद तो राजभर ने खुलकर अखिलेश के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया। अखिलेश यादव ने भी उन्हें महत्व देना कम कर दिया।
राष्टï्रपति चुनाव में शिवपाल यादव और ओपी राजभर ने भाजपा उम्मीदवार को समर्थन देकर सपा अध्यक्ष से अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर दी। भाजपा ने इसका इनाम देना शुरू कर दिया है। राजभर को वाई श्रेणी की सुरक्षा देना इसी से जोडक़र देखा जा रहा है।