युग करवट ब्यूरो
लखनऊ। पहले जिला पंचायत और फिर विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद सहयोगी संगठनों के निशाने पर आ रहे अखिलेश यादव ने अचानक प्रदेश कमेटी और सभी प्रकोष्ठ भंग कर दिए। केवल प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को बरकरार रखा गया है। उत्तर प्रदेश में अब सपा की नई टीम बनेगी। जाहिर तौर पर कुछ नए चेहरों को स्थान दिया जाएगा लेकिन कई पुराने चेहरे में नई टीम में वापसी की उम्मीद बांधे हुए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी कई युवा नेता नई टीम में स्थान पाने की जुगत भिड़ा रहे हैं। समाजवादी छात्र सभा, महिला सभा और युवजन सभा की राष्ट्रीय टीम में काम कर रहे कई चेहरे मुख्य संगठन में स्थान पाने की कामयाबी हासिल कर सकते हैं। समाजवादी लोहिया वाहिनी में भी ऐसे कई चेहरे हैं जिन पर अखिलेश यादव विश्वास कर सकते हैं। रामपुर और आजमगढ़ उपचुनाव में मिली हार के बाद गठबंधन के साथी भी अखिलेश के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में सपा की नई टीम का गठन अखिलेश के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ समय बाद स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं। नगर निगम और नगर पालिका के चुनाव में जीत हासिल करना सपा के संगठन के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं है। जिला और महानगर स्तर पर सपा के अध्यक्ष संगठन को मजबूत बनाने में सफल नहीं हो पाए हैं।